भठों की गली स्थित युवा जागृति फाउंडेशन के सहयोग से तीन दिवसीय कौशल एवं पारंपरिक दक्षता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को पारंपरिक आजीविका कौशल, जैसे पायदान, आसन, थैला निर्माण आदि के साथ-साथ आधुनिक डिजिटल साक्षरता से जोड़कर स्वावलंबी बनाना था।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पुराने एवं अनुपयोगी वस्त्रों से उपयोगी पायदान, आसन और अन्य घरेलू सजावटी उत्पाद बनाने की तकनीकें सिखाई गईं, जिससे अपशिष्ट सामग्री का बेहतर उपयोग भी हो सके। इसके साथ ही ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटली भुगतान, ई-गवर्नेंस सुविधाओं तथा छोटे उद्यमों के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए।समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को प्रमाणपत्र और प्रोत्साहन स्वरूप किट प्रदान की गई, ताकि वे घर से ही लघु उद्यम के रूप में इन पारंपरिक उत्पादों का उत्पादन शुरू कर सकें। संस्था द्वारा बताया गया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से लगभग सौ से अधिक परिवारों को स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता और अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे, साथ ही क्षेत्र की पारंपरिक कला एवं कौशल को भी नया बाजार और पहचान मिलेगी।








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